बिहार में ट्रैफिक चालान? Lok Adalat से settle करें
पटना, मुज़फ़्फ़रपुर, गया, भागलपुर और बिहार के सभी 38 ज़िलों में Lok Adalat लगती है। हम योग्य बकाया ई-चालान बिना बार-बार अदालत के चक्कर लगाए निपटाने में मदद करते हैं।
- पटना और सभी 38 ज़िले
- बाइक, कार, ऑटो और ट्रक के चालान
- ट्रांसपोर्टरों के लिए थोक सहायता
कैसे काम करता है
चार आसान कदम, सब WhatsApp पर
जानकारी दें
गाड़ी नंबर और चालान की जानकारी: 2 मिनट का फ़ॉर्म।
योग्यता जांच
हम पुष्टि करते हैं कि चालान Lok Adalat में जा सकता है। योग्य नहीं तो कोई फीस नहीं।
रजिस्ट्रेशन और स्लॉट
हम आपका रजिस्ट्रेशन करके अगली Lok Adalat का स्लॉट बुक करते हैं।
निपटारा
आप तय राशि सरकारी माध्यम से भरते हैं। चालान खत्म।
आसान और साफ़ फीस
- योग्यता की पुष्टि के बाद ही भुगतान
- रजिस्ट्रेशन न हो पाए तो पूरी फीस वापस
- हर भुगतान पर GST बिल
- फ्लीट और व्यापार के लिए थोक दाम
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: बिहार
बिहार का ट्रैफिक ई-चालान Lok Adalat में कैसे निपटाएं?
बिहार की हर ज़िला अदालत में BSLSA के तहत Lok Adalat लगती है। हम जांचते हैं कि आपका ई-चालान योग्य है या नहीं, अगली तारीख के लिए रजिस्टर करते हैं और बताते हैं कि क्या साथ ले जाना है।
क्या Lok Adalat मुफ़्त है?
हाँ। Lok Adalat विधिक सेवा प्राधिकरण चलाते हैं और यह मुफ़्त है। आप खुद भी सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं। हम उन लोगों की मदद करते हैं जिनके पास समय नहीं है या जिन्हें प्रक्रिया कठिन लगती है, और केवल अपनी सेवा की फीस लेते हैं।
क्या हर चालान Lok Adalat में निपट सकता है?
नहीं। आम तौर पर केवल छोटे या समझौता योग्य अपराध ही लिए जाते हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाना, चोट या मौत वाली दुर्घटना, या दूसरी अदालत में चल रहे मामले आम तौर पर शामिल नहीं होते। हम भुगतान से पहले यह जांचते हैं।
मेरा जुर्माना कितना कम होगा?
राशि Lok Adalat तय करती है। अक्सर कम होती है, कभी-कभी माफ़ भी हो जाती है, लेकिन कोई भी कमी की गारंटी नहीं दे सकता।
जुर्माना किसे देना है?
केवल सरकार को, सरकारी माध्यम से। हमारी सेवा फीस अलग से AdalatSaathi को GST बिल के साथ दी जाती है। जुर्माने की राशि हम कभी नहीं लेते।
क्या मुझे अदालत जाना पड़ेगा?
यह शहर पर निर्भर है। दिल्ली में डिजिटल प्रक्रिया है; कुछ जगहों पर आपको या आपके प्रतिनिधि को Lok Adalat की तारीख पर जाना होता है। हम आपको ठीक-ठीक बताते हैं।